चंडीगढ़ कांग्रेस ने भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किया नगर निगम का घेराव

  • वाटर कैनन में पार्टी के करीब 15 नेता, कार्यकर्ता घायल

परवेश चंडीगढ़,

चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष सुभाष चावला के नेतृत्व में शनिवार को यहां नगर निगम में भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। नगर निगम में भाजपा के पूरी तरह विफल शासन पर नाराजगी जताने के लिए हजारों की संख्या में महिलाओं सहित पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक नगर निगम, सेक्टर 17 कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए।

‘पानी की दरों में बढ़ोतरी तुरंत वापस लो’, ‘सामान काम समान वेतन लागू करो’, ‘आवारा पशुओं से छुटकारा दिलायो’, ‘ड्राइवर भरती घोटाले की जंच करायो’, ‘तख़्त बदल दो, ताज बदल दो , बीजेपी का राज बदल दो’ जैसे प्लाकार्ड व बैनर लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने करीब तीन घंटे तक नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। नारे लगाने वाले प्रदर्शनकारियों के जोश और उत्साह को कम करने के लिए पुलिस द्वारा छोड़ी गयी वाटर कैनन विफल रहीं।
सुभाष चावला ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आज का विरोध भाजपा को नींद से जगाने के लिए है। जनता भाजपा की आम आदमी विरोधी और किसान विरोधी नीतियों से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता ने वास्तव में भाजपा को हटाने का मन बना लिया है और जिसकी शुरुआत चंडीगढ़ नगर निगम के आगामी चुनाव में भाजपा को मिलने वाली करारी हार से होगी ।

नगर निगम में बीजेपी के विफल शासन के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पानी की दरों में बढ़ोतरी को वापस लेने के आश्वासन के बावजूद इसे वापिस नहीं लिया है। नगर निगम सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। पेयजल की समस्या बद से बदतर होती जा रही है। कचरा संग्रहण के लिए ओवरचार्जिंग, टूटी सडक़ें, डंपिंग ग्राउंड की खराब स्थिति जो डड्डूमाजरा में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा कर रही है, सफाई कर्मियों की जायज मांग, चालक भर्ती घोटाला आदि कई लंबित मुद्दे और मामले हैं जिन्हें भाजपा हल करने में विफल रही है और निवासियों के कल्याण और हितों की पूरी तरह से अनदेखी करके चुप्पी साधे रही है ।
लायंस कंपनी का ठेका रद्द करने की मांग करते हुए चावला ने कहा कि नगर निगम शहर की सफाई के लिए कंपनी को सालाना 53 करोड़ रुपये दे रहा है, जबकि स्वच्छता सूचकांक पर शहर की रैंकिंग घट रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कंपनी शहर की उचित सफाई पर ध्यान देने के बजाय अपने बिल जमा करने में अधिक रुचि रखती है।

इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से हम यह भी मांग करते है कि जेम पोर्टल पर कर्मचारियों के शोषण को तुरंत रोका जाए, नगर निगम के कच्चे कर्मचारियों को तुरंत नियमित किया जाए, शहर और गांवों में सडक़ों की मरम्मत की जाए, कॉलोनीज में गन्दा अनाज देने वालो अधिकारिओ को निलबित किया जाए और जाँच करवाई जाए और डंपिंग ग्राउंड में आग लगने की घटना की जांच विजिलेंस से करवाई जाए। विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए नगर निगम के मेयर को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस बीच, वाटर कैनन के दौरान पार्टी के लगभग 15 नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए। चंडीगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष दीपा दुबे को लो ब्लड प्रेशर की वजह से अस्पताल ले जाना पड़ा, सेक्टर 25 की एक अन्य महिला नेता, अनीता की आंख के पास चेहरे पर चोटें आईं और चोटिल आंख के साथ अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी। पार्टी नेता दर्शन गर्ग के पैर और टांग में चोटें आईं और आशीष गजनबी, प्रेम पाल चौहान व सुनील सूद को भी चोटें आईं।

युवा कांग्रेसी नेता मनीष बंसल ने भी अपने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने मांग की कि भाजपा द्वारा लागू सभी जनविरोधी नीतियों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आगामी नगर निगम चुनाव के लिए तत्काल चुनाव अधिसूचना जारी करने की भी मांग की।
इस दौरान सभी एआईसीसी सदस्य, चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेश पद अधिकारियों, पार्टी पार्षद, महिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष, इंटक, एनएसयूआई, प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, सेवा दल, पार्टी पदाधिकारियों, सभी जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ उनके समर्थकों,पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में बढ़ चढ़ कर भाग लिया।

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